देहरादून। देहरादून पुलिस ने खुद को आईपीएस, सेना, रॉ और सीआरपीएफ का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से विभिन्न एजेंसियों की फर्जी आईडी, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां और अन्य सामान बरामद हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की रणनीति के तहत राजपुर थाना पुलिस ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी आर. यशोवर्धन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से लोगों को नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने, टेंडर पास कराने और सरकारी काम जल्द कराने का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहा था।पुलिस के अनुसार 8 जुलाई को डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि यशोवर्धन ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनकी दिवंगत मां के नाम पर कंपनी का पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ठग लिए। इसके बाद 15 जुलाई को डॉ. अनुषा ने भी शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने स्वयं को आईपीएस अधिकारी बताकर रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 4.60 लाख रुपये ऐंठ लिए।
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और बचपन से उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। उसने कई वर्षों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर खुद को कभी आईपीएस अधिकारी, कभी सेना का वरिष्ठ अधिकारी, कभी रॉ एजेंट और कभी सीआरपीएफ अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतना शुरू कर दिया। वर्दी, फर्जी पहचान पत्र और प्रभावशाली बातचीत के दम पर वह लोगों को नौकरी और सरकारी कार्य कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी आईडी कार्ड, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। मामले में विस्तृत जांच जारी है और पुलिस अन्य पीड़ितों की भी जानकारी जुटा रही है।








