- मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद कार्रवाई, धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल पर अतिक्रमण हटाया गया
हल्द्वानी। रानीबाग स्थित पवित्र चित्रशिला धाम में धार्मिक आस्था से जुड़े विवाद के बीच प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विवादित चौपाटी को ध्वस्त कर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख के बाद प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा उठाए जा रहे विरोध और शिकायतों के बाद की गई इस कार्रवाई को क्षेत्र में धार्मिक आस्था की रक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। चित्रशिला धाम, जिसे हिंदू धर्म के प्रमुख मुक्ति धामों में गिना जाता है, के समीप कथित रूप से अतिक्रमण कर चौपाटी संचालित की जा रही थी। स्थानीय लोगों का आरोप था कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में पवित्र स्थल के पास खाद्य स्टॉल लगाए गए, जहां चाउमीन, मोमोज समेत अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री हो रही थी।
उनका कहना था कि जिस मार्ग से अंतिम यात्रा और पार्थिव शरीर श्मशान घाट तक ले जाए जाते हैं, उसी स्थान पर इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही थीं। मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद एसडीएम नैनीताल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और विवादित चौपाटी को हटाते हुए पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे धार्मिक आस्था की जीत बताया, जबकि प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







