जसपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद के जसपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत सख्त रुख अपनाते हुए अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण कर नियमों के पालन की हकीकत परखी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल के निर्देश पर चली इस कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप की स्थिति देखी गई, जबकि विभाग ने साफ संकेत दिया है कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को गठित निरीक्षण टीम ने जसपुर क्षेत्र में संचालित आठ अल्ट्रासाउंड केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. धीरेन्द्र मोहन गहलोत और पीसीपीएनडीटी कोऑर्डिनेटर प्रदीप मेहर शामिल रहे। सबसे पहले सीएचसी जसपुर स्थित केंद्र का निरीक्षण किया गया, जहां रेडियोलॉजिस्ट की सीमित उपलब्धता सामने आई।
इसके बाद क्षेत्र के विभिन्न निजी केंद्रों में दस्तावेजों, मशीनों की स्थिति, फॉर्म-एफ अभिलेखन और स्टाफ की उपस्थिति का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पांच केंद्र सभी मानकों पर खरे उतरे, जबकि तीन केंद्रों में अभिलेखों में खामियां और रजिस्टर अद्यतन न पाए जाने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किए। संबंधित केंद्रों को सात कार्यदिवस के भीतर सभी कमियों को दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में लिंगानुपात सुधार और अवैध लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ अन्य जनपदों के साथ संयुक्त अभियान चलाने की तैयारी भी की जा रही है। विभाग की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







