हल्द्वानी। हल्द्वानी तहसील में भूमि सीमांकन और पैमाइश के मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़ा रुख अपनाया है। औचक निरीक्षण के दौरान एक वर्ष से लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को अनावश्यक इंतजार कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुरुवार को तहसील परिसर एवं उपजिलाधिकारी कार्यालय हल्द्वानी का औचक निरीक्षण कर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान धारा-41 के अंतर्गत भूमि सीमांकन एवं पैमाइश से जुड़े एक वर्ष से लंबित प्रकरणों का खुलासा होने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और ऐसे मामलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित फाइलों और अभिलेखों की जांच करते हुए कहा कि भूमि सीमांकन और पैमाइश जैसे सामान्य राजस्व मामलों में महीनों और वर्षों तक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई मामलों में रिपोर्ट तैयार करने में एक वर्ष तक का समय लगाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को निर्देश दिए कि एक वर्ष से लंबित सभी मामलों की तत्काल जांच कराई जाए और विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन मामलों में बिना किसी ठोस कारण के देरी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि धारा-41 के तहत कोई भी काश्तकार अपनी भूमि के सीमांकन अथवा पैमाइश के लिए आवेदन करता है।

इसके बाद परगनाधिकारी के आदेश पर कानूनगो और लेखपाल मौके पर जाकर भूमि की वास्तविक स्थिति, कब्जा, कृषि भूमि अथवा आबादी की स्थिति का सत्यापन करते हैं। निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद पैमाइश रिपोर्ट और नक्शा तैयार कर उपजिलाधिकारी को भेजा जाता है, जिसके आधार पर अंतिम आदेश जारी किए जाते हैं। जिलाधिकारी ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी, तहसीलदार कुलदीप पांडे सहित अन्य राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे।






