हल्द्वानी। आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम मेले से पहले टैक्सी और मैक्सी कैब चालकों के किराए को लेकर विवाद खड़ा हो गया। टैक्सी यूनियन से जुड़े चालक और वाहन स्वामियों ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद इस वर्ष शटल सेवा का किराया घटा दिया गया है, जिससे वाहन मालिकों और चालकों में भारी नाराजगी है। मामले को लेकर टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अरविंद पांडे से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। टैक्सी संचालकों का कहना है कि वर्ष 2025 में कैंचीधाम मेले के दौरान प्रति यात्री किराया 180 रुपये निर्धारित था, जबकि इस वर्ष इसे घटाकर 150 रुपये प्रति यात्री कर दिया गया है। उनका तर्क है कि बीते एक वर्ष में ईंधन, रखरखाव और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है, ऐसे में किराया कम करना वाहन मालिकों और चालकों के साथ अन्याय है। कई वाहन स्वामियों ने स्पष्ट कहा कि वे कम किराए पर अपनी गाड़ियां शटल सेवा में नहीं लगाएंगे। इस मुद्दे को लेकर काठगोदाम टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष प्रशांत नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता की।
बैठक के बाद प्रशांत नेगी ने बताया कि किराए को लेकर टैक्सी चालकों के मन में जो भ्रम था, उसे अधिकारियों ने दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति स्पष्ट हो गई है और यूनियन अपने सदस्यों को जानकारी दे रही है कि वे अपने निर्धारित और न्यूनतम उचित किराए के अनुसार कैंचीधाम के लिए शटल सेवा संचालित कर सकते हैं। वहीं संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अरविंद पांडे ने स्पष्ट किया कि राज्य में विभिन्न श्रेणी के वाहनों का अधिकतम किराया राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया जाता है और उससे अधिक किराया वसूलना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा केवल उन वाहनों के लिए किराया तय किया गया है जिन्हें विशेष रूप से मेले के दौरान शटल सेवा में लगाया जाएगा। अन्य टैक्सी संचालक यदि सीधे यात्रियों को सेवाएं प्रदान करते हैं तो वे नियमानुसार अपने ग्राहकों से सहमति के आधार पर किराया तय कर सकते हैं।आरटीओ ने कहा कि टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक सकारात्मक रही और किराए को लेकर उत्पन्न भ्रम दूर हो गया है। प्रशासन का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, साथ ही वाहन संचालकों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।







