– एफआईआर की मांग पर दो टूक—दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस उठाएगी अगला कदम
– पुलिस बोली- संवेदनशील मामले में तहरीर का परीक्षण जारी
हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ कथित शुद्धिकरण विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। हिंदूवादी संगठन द्वारा रामलीला मैदान के शुद्धिकरण के बाद कांग्रेस ने इसे दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए विरोध शुरू किया था। मामला राज्यसभा तक पहुंचने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने के बाद विवाद ने और तूल पकड़ लिया है। अब एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार पुलिस पर दबाव बना रही है। बीते सोमवार, 31 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता हल्द्वानी स्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। कांग्रेस ने शुद्धिकरण करने वाले संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस दौरान एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कांग्रेस नेताओं से तहरीर प्राप्त करते हुए मामले की जांच और परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कांग्रेस ने पुलिस को कार्रवाई के लिए मंगलवार, 1 सितंबर की सुबह 11 बजे तक का समय दिया था।
समय सीमा पूरी होने के बाद मंगलवार को भारी बारिश के बीच हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हल्द्वानी बहुउद्देशीय भवन पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एफआईआर दर्ज नहीं होने पर पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध जताया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रदर्शन के मद्देनजर हल्द्वानी कोतवाली और पुलिस बहुउद्देशीय भवन के गेट भी कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए। बाद में गेट खोल दिए गए। इस दौरान स्थानीय मीडिया कर्मियों में भी पुलिस की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली। पत्रकारों का आरोप था कि स्थानीय मीडिया को भवन के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी, जबकि बाहर से आए कुछ मीडिया कर्मियों को प्रवेश दिया गया। इसे लेकर पत्रकारों ने मौके पर विरोध जताया। विरोध के बाद पुलिस ने स्थानीय मीडिया कर्मियों को भी अंदर जाने की अनुमति दी।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि अगले दो दिनों के भीतर मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है तो पार्टी अपने स्तर पर अगला कदम उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विरोध का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान से जुड़ा मामला है और पुलिस को शिकायत पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, पूरे मामले को लेकर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि पुलिस को तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मामला संवेदनशील होने के कारण तहरीर का परीक्षण किया जा रहा है और परीक्षण पूरा होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रामलीला मैदान के शुद्धिकरण से शुरू हुआ विवाद एफआईआर की मांग पर आकर केंद्रित हो गया है। कांग्रेस के तेवर लगातार आक्रामक बने हुए हैं, जबकि पुलिस जांच और कानूनी परीक्षण का हवाला दे रही है। ऐसे में आने वाले दो दिन इस पूरे राजनीतिक विवाद की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।





