- कार्यालय में फायरिंग से मची अफरातफरी
- प्रशासनिक अधिकारी पर आरोप
- लाइसेंसी या अवैध हथियार से चली गोली, पुलिस कर रही जांच
हल्द्वानी। हल्द्वानी के आरटीओ कार्यालय में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कार्यालय के अंदर अचानक गोली चलने की घटना सामने आई। गोली कार्यालय में रखी एक अलमारी में जा लगी। गनीमत रही कि फायरिंग की चपेट में कोई कर्मचारी नहीं आया और बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही मुखानी कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य और फॉरेंसिक नमूने जुटाए, फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार लाइसेंसी है या अवैध। एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित सैनी के मुताबिक, आरटीओ कार्यालय से फायरिंग की सूचना मिलने पर मुखानी पुलिस की टीम प्रभारी निरीक्षक सुशील जोशी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया फायरिंग की घटना की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार कार्यालय में काम न करने और ऑफिस बंद करने को लेकर विवाद की बात सामने आई है, जिसके बाद वहां रखी अलमारी पर फायर किया गया।
पुलिस ने फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान महेंद्र सिंह, आरटीओ कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत कर्मचारी के रूप में बताई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है। एएसपी/सीओ अमित सैनी ने बताया कि पुलिस इस तथ्य की भी जांच कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंसी था या अवैध। हथियार की वैधता और घटना की परिस्थितियों की जांच पूरी होने के बाद उसी के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरटीओ प्रशासन गुरदेव सिंह ने बताया कि शाम करीब चार बजे कार्यालय के एक विभाग में गोली चलने की सूचना मिली थी। संबंधित कार्मिक को लेकर पत्र जारी किया जा रहा है और पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी विवाद या अन्य कारण की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है और मामले की जांच जारी है। उनके अनुसार उपलब्ध जानकारी के मुताबिक फायरिंग कार्यालय में तैनात प्रशासनिक अधिकारी द्वारा ही की गई है, इसमें किसी बाहरी व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी नहीं है।




