- उत्तराखंड सरकार और रेलवे की जल्द सुनवाई की मांग पर हुई बहस, अदालत ने मुख्य अपील को 18 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया
नई दिल्ली/हल्द्वानी। बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अगली तारीख को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। पहले कंप्यूटर जनरेटेड सूची में 17 सितंबर 2026 की संभावित तारीख दिखाई दे रही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 9 सितंबर के आधिकारिक आदेश में अब मामले की सुनवाई के लिए 18 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-1 में Civil Appeal No. 3518/2023, Abdul Mateen Siddiqui बनाम Union of India & Others से संबंधित अर्ली हियरिंग एप्लीकेशन IA No. 253207/2026 पर सुनवाई हुई। मामले में उत्तराखंड सरकार और रेलवे की ओर से जल्द सुनवाई की मांग रखी गई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद अदालत ने मुख्य अपील को आगामी 18 नवंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

बुधवार की सुनवाई के दौरान मुख्य याचिकाकर्ता हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस के साथ अधिवक्ता मानिक गुप्ता, रिया यादव और फैज़ान अंसारी ने पैरवी की। सुनवाई के बाद शाम को जारी आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अर्ली हियरिंग एप्लीकेशन का निस्तारण करते हुए मुख्य अपील को 18 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण को लेकर बुधवार सुबह से ही हल्द्वानी में खासा माहौल बना हुआ था। संभावित सुनवाई को देखते हुए नैनीताल पुलिस और प्रशासन ने भी क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। अब शीर्ष अदालत के ताजा आदेश के बाद 17 सितंबर को सुनवाई की पूर्व संभावना समाप्त हो गई है और अगली निर्धारित तारीख 18 नवंबर 2026 हो गई है। अब सभी की निगाहें 18 नवंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस लंबे समय से विचाराधीन रेलवे भूमि प्रकरण में आगे की कानूनी दिशा पर महत्वपूर्ण सुनवाई होगी।


