- तीन दिन से धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टर, प्राचार्य ने दी चेतावनी—लंबी हड़ताल से नीट-पीजी की पात्रता पर पड़ सकता है असर
हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर में मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। इंटर्न डॉक्टर वर्तमान में मिल रहे ₹17 हजार मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. अजय आर्य ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों की मांग को लेकर शासन को पत्र भेजा जा चुका है और कॉलेज प्रशासन लगातार शासन के संपर्क में है। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाली राशि नियमित वेतन नहीं, बल्कि प्रशिक्षण अवधि का स्टाइपेंड है। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप एमबीबीएस पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इसी अवधि के प्रशिक्षण के बाद डॉक्टर आगे पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं के लिए पात्र होते हैं। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टर अपनी मांग रखने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उनकी बात सुनने में कॉलेज प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि, प्राचार्य ने हड़ताल के दौरान अनुपस्थिति दर्ज किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान निर्धारित प्रशिक्षण और करिकुलम गतिविधियों में उपस्थिति आवश्यक है। लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर इंटर्नशिप अवधि प्रभावित हो सकती है और इसका असर आगे नीट-पीजी की पात्रता पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इसके लिए निर्धारित कटऑफ तिथि तक आवश्यक पंजीकरण और संबंधित शर्तें पूरी करना जरूरी होता है। डॉ. अजय आर्य ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों की मांग शासन के संज्ञान में है और कॉलेज स्तर से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अब इंटर्न डॉक्टरों की नजर शासन के फैसले पर है, जबकि कॉलेज प्रशासन भी जल्द समाधान निकलने की उम्मीद जता रहा है।



