नैनीताल। जनपद में चर्चाओं में रहे भीमताल धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ AMDY को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को नैनीताल पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने इस संवेदनशील मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अवैध धर्मांतरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला थाना मल्लीताल में दर्ज अपराध से जुड़ा है, जिसमें उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग नामों से महिलाओं के संपर्क में आता था और फोटोग्राफी, वीडियो शूट, ट्रेकिंग व म्यूजिक सेशन जैसी गतिविधियों के जरिए पहले विश्वास कायम करता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2020 से संपर्क बनाकर पीड़िता से करीब 17 लाख रुपये विभिन्न उपकरणों के नाम पर खर्च कराए और शादी का झांसा देकर धीरे-धीरे उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। मामले में अन्य पीड़िताओं द्वारा भी इसी तरह के शोषण और दबाव की शिकायतें सामने आने से प्रकरण और गंभीर हो गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय के निर्देश पर एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने तत्काल विशेष टीम गठित की। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद भीमताल पुलिस, एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने लगातार दबिश देकर अंततः आरोपी को नैनीताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने साफ कहा है कि जनपद में धर्मांतरण से जुड़े अवैध कृत्यों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।





