हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चल रही पुनर्वास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। 20 मार्च से शुरू हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के कैंप 1 अप्रैल को समाप्त हो गए, जहां रिकॉर्ड 6900 ने आवेदन कर प्रशासनिक प्रयासों को नई दिशा दी है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की निगरानी में बनभूलपुरा के छह स्थानों पर लगाए गए इन कैंपों में नगर निगम, प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने लगातार काम किया। लगभग 8000 के अधिक फॉर्म वितरित किए गए, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने मौके पर ही अपने फॉर्म भरकर जमा किए।
सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी के अनुसार, कई लोगों द्वारा फॉर्म गलत भरने के कारण दोबारा फॉर्म लेने से वितरण और जमा के आंकड़ों में अंतर देखा गया, बावजूद इसके आवेदन संख्या उम्मीद से अधिक रही। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट में लंबित अब्दुल मतीन सिद्दीकी बनाम भारत संघ मामले के तहत संचालित की गई। उन्होंने कहा कि कैंप के अंतिम दिन लोगों की संख्या कम रही, लेकिन जो भी लोग पहुंचे, उनके फॉर्म मौके पर ही भरवाकर जमा कराए गए।उन्होंने ने स्पष्ट किया है कि जो लोग किसी कारणवश फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं, उनके लिए नगर निगम कार्यालय में 2 अप्रैल और 4 अप्रैल को विशेष व्यवस्था की गई है, जहां वे अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। इस दौरान त्रिपाठी ने प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, पैरालीगल वॉलिंटियर्स और मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयास से यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सका।





