नैनीताल। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। लंबित राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण, सरकारी भूमि की सुरक्षा, अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा, स्वच्छता व्यवस्था को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और खनिज प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने जैसे मुद्दों पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं। मासिक समीक्षा बैठक में राजस्व, कानून व्यवस्था, स्वच्छता और विकास कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों, कानून व्यवस्था, अभियोजन कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुराने राजस्व वादों की नियमित सुनवाई करते हुए प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा विभिन्न आयोगों से संबंधित जांच रिपोर्टों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपनी तहसीलों का नियमित निरीक्षण करने और निरीक्षण रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कमियों को प्राथमिकता से दूर करने को कहा। बैठक में जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उप जिलाधिकारी सरकारी भूमि के संरक्षक और कस्टोडियन हैं, इसलिए किसी भी विभाग या श्रेणी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खनिज प्रभावित क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए आईटीआर और जीएसटी प्रशिक्षण देने तथा बालिकाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगरीय और पैरी-अर्बन क्षेत्रों में “राउंड द क्लॉक” स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि अधिक मात्रा में कूड़ा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान कर कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।

मच्छरों के लार्वा की रोकथाम, ग्रामीण और वन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान तथा जिले की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। आबकारी विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने अवैध शराब के कारोबार और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कारोबार से जुड़े लोगों की सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। साथ ही अपर जिलाधिकारी को दैवीय आपदा और खनिज न्यास से संबंधित पूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और धनराशि के उपयोग की थर्ड पार्टी जांच कराने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आमजन तक पहुंच सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन विवेक राय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सौरभ असवाल, सभी उपजिलाधिकारी और अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल रहे।






