- समाजसेवी ने प्रशासन को दी चेतावनी, बोले—मतदाता अधिकारों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी, जानकारी नहीं मिली तो तहसील में देंगे धरना
हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं के नाम पर कथित रूप से अज्ञात लोगों द्वारा आपत्तियां दर्ज किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। समाजसेवी उवैस राजा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर प्रशासन से ऐसे मामलों में पारदर्शिता बरतने और संबंधित मतदाताओं को जारी नोटिस की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उवैस राजा ने अपने पोस्टर में आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान कुछ मतदाताओं के नाम पर अज्ञात लोगों द्वारा कथित फर्जी आपत्तियां लगाए जाने की जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस की जानकारी अथवा नोटिस की प्रति 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि मतदाता पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जान सकें।
समाजसेवी ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और किसी भी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उवैस राजा ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर उचित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो वह तहसील परिसर, हल्द्वानी में धरना देने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता के अधिकारों की रक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “मतदाता अधिकार की रक्षा—हमारी जिम्मेदारी” और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने की बात कही। मामले को लेकर अब प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।












