- हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बोले—बिना जानकारी दर्ज आपत्तियों से मतदाताओं में बढ़ रहा भ्रम और अविश्वास
हल्द्वानी। उत्तराखंड में चल रही मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बीच फार्म संख्या 10 पर दर्ज आपत्तियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उत्तराखंड समाजवादी पार्टी के प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि SIR के तहत निर्वाचन टीमों द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। इसी दौरान भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध फार्म संख्या 10 के माध्यम से कुछ मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज होने की जानकारी सामने आ रही है। सपा नेता का कहना है कि इनमें कई ऐसे मतदाता भी हैं, जिनका दावा है कि उन्होंने स्वयं या उनके परिवार के किसी सदस्य ने संबंधित आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने कहा कि यदि किसी मतदाता की जानकारी या सहमति के बिना उसके नाम पर आपत्ति दर्ज की जा रही है तो यह गंभीर विषय है। ऐसी स्थिति से आम लोगों में भ्रम, आक्रोश और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अविश्वास पैदा हो सकता है।
उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे तकनीकी त्रुटि, पहचान संबंधी विसंगति अथवा किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर या अनजाने में की गई गलत प्रविष्टि हो सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिन आपत्तियों की पुष्टि संबंधित मतदाता द्वारा नहीं की गई है, उनकी नियमानुसार जांच कर आवश्यक सुधार या निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आम नागरिकों को SIR और फार्म संख्या 10 से संबंधित प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई, ताकि मतदाता अपनी सूची में दर्ज स्थिति की स्वयं पुष्टि कर सकें। सपा प्रभारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और इसके पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से प्रभावित न हो और आपत्तियों के निस्तारण में निर्धारित नियमों एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए। ज्ञापन सौंपते हुए हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक जांच और कार्रवाई कर मतदाताओं के बीच उत्पन्न भ्रम को दूर करेंगे तथा SIR प्रक्रिया में लोगों का विश्वास कायम रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।











