- लामाचौड़ में 30 हेक्टेयर भूमि होगी हस्तांतरित, गौलापार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए 122 पद स्वीकृत, मजदूरी, पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम निर्णय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, न्यायिक ढांचे, श्रमिक हित, पशुपालन, पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने हल्द्वानी में प्रस्तावित हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए लामाचौड़ क्षेत्र की लगभग 30 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने को मंजूरी देते हुए न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। वहीं गौलापार स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग में दी। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर निर्माण के लिए हस्तांतरित की जाएगी, जिससे लंबे समय से लंबित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलेगी।
राज्य सरकार ने गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया है। अब लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने पर भी अनुदान प्राप्त कर सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी, जिससे पहले वर्ष में करीब 2128 पशुपालकों को लाभ मिलने का अनुमान है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान और समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान लागू होंगे। समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली लागू करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। वहीं ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन कर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बैठक में जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश लाने, जल जीवन मिशन की योजनाओं के हस्तांतरण के लिए नया प्रोटोकॉल लागू करने, वन विकास निगम में स्केलर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, सहकारी समिति नियमावली से भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाने तथा बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने का फैसला लिया गया है, जिसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन और श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी कैबिनेट ने सहमति प्रदान की है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, श्रमिकों के अधिकार अधिक सुरक्षित होंगे, खेल और शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी तथा पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।







