हल्द्वानी। हल्द्वानी की राजपुरा गौशाला में फैली गंदगी, कीचड़ और अव्यवस्थाओं को लेकर विधायक सुमित हृदयेश ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश की दयनीय स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि गौसेवा केवल नारों से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से होती है। हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित हृदयेश ने गुरुवार को राजपुरा स्थित गौशाला का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कई गंभीर खामियां सामने आईं। कई स्थानों पर कीचड़ और गंदगी फैली होने से निराश्रित गोवंश को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गौमाता की सेवा और संरक्षण के उद्देश्य से संचालित गौशाला की ऐसी स्थिति देखकर विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि गौशाला केवल एक भवन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और संवेदनशीलता का प्रतीक है। ऐसे में गौवंश को अस्वच्छ और बदहाल वातावरण में रहने के लिए मजबूर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गौवंश की देखभाल, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। निरीक्षण के दौरान विधायक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित साफ-सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था, पशुओं के लिए चिकित्सकीय सुविधाएं तथा उनके चारे और देखभाल की स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। विधायक ने दो टूक कहा कि “गौसेवा केवल नारे लगाने से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने से होती है। गोवंश की सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।”







