सितारगंज। उत्तराखंड में पहली बार विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान उत्पन्न अभूतपूर्व गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। करीब 24 घंटे तक तहसील परिसर में बंधक बनी विजिलेंस टीम को लंबी वार्ता के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। वहीं विजिलेंस द्वारा रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े गए संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को भी फिलहाल तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया है। बुधवार को रिश्वत लेने के आरोप में दो तहसील कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद राजस्व कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए थे। कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए कर्मचारियों ने विजिलेंस टीम को तहसील परिसर से बाहर नहीं जाने दिया और दोनों कर्मचारियों को रिहा करने की मांग पर अड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच देर रात तक कई दौर की वार्ता चली।
एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि तहसील प्रशासन ने विजिलेंस अधिकारियों को कलेक्शन मैन्युअल से संबंधित तथ्यों से अवगत कराया है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विजिलेंस टीम ने दोनों कर्मचारियों को फिलहाल तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच विजिलेंस स्तर पर जारी रहेगी और आगे की वैधानिक कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। करीब 24 घंटे तक चले इस हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम के बाद विजिलेंस टीम को सकुशल रिहा कर दिया गया। राज्य में विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है, जिसने प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा और हलचल पैदा कर दी है।







