रामनगर। देश के प्रतिष्ठित टाइगर रिजर्वों में शामिल कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में एक नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। कालागढ़ रेंज के घने वन क्षेत्र में गश्त के दौरान मृत अवस्था में मिले बाघ की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया गया। प्रारंभिक जांच में बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जबकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम के बाद नमूने जांच हेतु भेजे गए हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व के अनुसार रविवार सुबह लगभग 9:10 बजे कालागढ़ रेंज के धारा ब्लॉक स्थित धारा बीट कक्ष संख्या-12 में धारा सोत के सहायक नाले के समीप गश्ती दल को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिला। घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने बाघ के शव के आसपास पूरे क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया, हालांकि मौके पर किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
वन विभाग के अधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों के पैनल ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत बाघ का पोस्टमार्टम किया और शव का नियमानुसार निस्तारण किया गया। चिकित्सकीय पैनल ने मृत नर बाघ की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष आंकी है। पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के आवश्यक आंतरिक अंगों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए बरेली स्थित आईवीआरआई तथा देहरादून स्थित वन्यजीव संस्थान भेजे गए हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ की मृत्यु के पीछे बीमारी, आपसी संघर्ष, प्राकृतिक कारण या अन्य किसी वजह की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है और रिपोर्ट आने तक हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। बैठक और निरीक्षण के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।






