देहरादून। उत्तराखंड में गैस संकट और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए शादी-विवाह समारोह में गैस सिलेंडर लेने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब विवाह आयोजनों के लिए गैस सिलेंडर प्राप्त करने हेतु ₹10 के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही शादी का कार्ड और आधार कार्ड संलग्न करते हुए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना होगा। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के तहत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अनुसार विवाह समारोह के लिए अधिकतम दो व्यावसायिक गैस सिलेंडर ही अस्थायी रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें उपयोग के बाद संबंधित गैस एजेंसी को लौटाना अनिवार्य होगा। आवेदन जिला पूर्ति कार्यालय देहरादून और सभी तहसीलों में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी या पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में किया जा सकेगा।
प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट किया है कि बिना शपथ पत्र, विवाह कार्ड और पहचान पत्र के कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्टॉक का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षित रखें। इधर, गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जिलाधिकारी की क्यूआरटी टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में नगर निगम क्षेत्र में छापेमारी कर चार घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिन्हें व्यावसायिक उपयोग में लाया जा रहा था। प्रशासन के अनुसार जिले में गैस आपूर्ति को लेकर नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है और अब तक दर्ज शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे गैस की कालाबाजारी की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर दें और विवाह समारोह के लिए समय रहते आवेदन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।





