हल्द्वानी। 1500वें जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर हल्द्वानी की फिज़ा धार्मिक रंग में रंगी रही। पूर्व वर्षों की भांति इस बार भी जुलूस-ए-मोहम्मदी बड़ी धूमधाम और आस्था के साथ निकाला गया। निर्धारित मार्ग से गुजरता हुआ जुलूस शहर की गलियों और बाज़ारों में इश्क-ए-रसूल की गूंज बिखेरता रहा। जुलूस की शुरुआत लाइन नंबर 17 स्थित मुजाहिद चौक से हुई, जो नई बस्ती, इंदिरानगर, बड़ी रोड-छोटी रोड, लाइन नंबर 16 व 12 आज़ाद नगर, चोरगलिया रोड, लाइन नंबर 1 आज़ाद नगर, सब्ज़ी मंडी, मीरा मार्ग, नया बाज़ार, रेलवे बाज़ार और फर्नीचर मार्केट होते हुए क़िदवई नगर से वापस मुजाहिद चौक पर संपन्न हुआ। समापन के अवसर पर शहर इमाम और जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती आज़म कादरी ने दुआ कराई। इस दौरान विशेष तौर पर देश की तरक्की, शहर की अमन-ओ-शांति, और आपदा प्रभावित उत्तराखंड व पंजाब की सलामती की दुआएँ की गईं।


जुलूस में उलेमा-ए-कराम ने तकरीरें पेश कीं और नात-ए-पाक पढ़ी, वहीं नौजवानों ने जुलूस के दौरान जोशो-ख़रोश से नारे बुलंद किए। कई युवक “Pray for Punjab” के पोस्टर वाहन में लगाकर पहुँचे, जिससे जुलूस का संदेश और भी व्यापक हो गया। जुलूस में शामिल लोगों की सेवा के लिए स्थानीय निवासियों और राजनेताओं ने जगह-जगह खाद्य पदार्थों और पानी की व्यवस्था की। वहीं, जुलूस के पीछे-पीछे बनभूलपुरा संघर्ष समिति के संयोजक उवैस राजा ने अपने साथियों के साथ सफाई व्यवस्था संभाली। इसके अलावा मास्टर रियाज़ हसन रज़वी और नबाब सिद्दीकी की ओर से लाइन नंबर 1 आज़ाद नगर स्थित मैरिज हॉल में लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आस्था, भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश देता यह ऐतिहासिक जुलूस दोहपर तक शहरभर में अदब और मोहब्बत की मिसाल कायम करता रहा।













