चंपावत/खटीमा/हरिद्वार। कुमाऊं दौरे के तीसरे दिन पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महिला सशक्तीकरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ नीति को ज़मीनी स्तर पर साकार करते हुए उन्होंने यूकोस्ट देहरादून के माध्यम से खर्ककार्की, चंपावत में स्थापित महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र का निरीक्षण किया। इस केंद्र का निर्माण पिटकुल द्वारा सीएसआर मद में दिए गए सहयोग से किया गया है, जहां महिलाओं को मंडुवा आधारित मिलेट्स, बुरांश व माल्टा से जूस, मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से धूप और सुगंधित तेल जैसे स्थानीय उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही पिरूल से ब्रिकेट्स बनाकर उन्नत चूल्हों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ध्यानी ने चंपावत के इस महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र को उत्तराखंड का रोल मॉडल बताते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ने का प्रभावी उदाहरण है।
इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन 132 केवी उपकेंद्र खटीमा का निरीक्षण किया और उपकेंद्रों को समय से पूर्व ऊर्जीकृत करने के पिटकुल के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए ट्रांसफार्मरों का समय पर उपकेंद्र स्थलों तक पहुंचना बेहद आवश्यक है और इस कार्य में गुणवत्ता, मात्रा और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में प्रबंध निदेशक स्वयं पिटकुल टीम के साथ ट्रांसफार्मर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पहुंचे, जहां निर्माणाधीन ट्रांसफार्मरों का मौके पर निरीक्षण और समीक्षा बैठक की गई। गहन चर्चा और परीक्षण के बाद कंपनी प्रबंधन ने सभी ट्रांसफार्मर यूनिट्स को तय समय-सीमा में डिलीवर करने का आश्वासन दिया। कुमाऊं क्षेत्र के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक ध्यानी ने ‘वर्क इज़ वर्शिप’ की भावना से कार्य करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री के मूल मंत्र ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ को आत्मसात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के ‘चार साल—बेमिसाल’ को ऐतिहासिक बनाने के लिए चार वर्ष पूर्ण होने पर कम से कम चार विद्युत परियोजनाओं को समय से पूर्व पूर्ण कर लोकार्पण कराना पिटकुल का लक्ष्य है।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प लेते हुए कहा—“हम होंगे कामयाब, बनाएंगे कीर्तिमान।” बैठक के अंत में प्रबंध निदेशक ने सभी को नववर्ष 2026, बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और देहरादून मुख्यालय के लिए प्रस्थान किया। देहरादून लौटते समय उन्होंने बहादराबाद, हरिद्वार में प्रस्तावित 132 केवी बिजलीघर की भूमि का रात्रिकालीन निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को जिलाधिकारी रुड़की से समन्वय कर भूमि आवंटन एवं अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कुमाऊं भ्रमण के दौरान पिटकुल के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






