देहरादून। राज्य में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के संचालन को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए रैपिडो कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आज अपराह्न 2:30 बजे संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), देहरादून संभाग संदीप सैनी के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने रैपिडो के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रैपिडो कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपना हेड ऑफिस कैनाल रोड से स्थानांतरित कर हरिद्वार रोड रिंग रोड पर कर लिया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) द्वारा जारी एग्रीगेटर लाइसेंस में दर्ज पते पर कार्यालय नहीं मिला, बल्कि कंपनी एक पुराने रेस्टोरेंट से संचालन करती पाई गई, जिससे विभाग के साथ पत्राचार लंबे समय से बाधित था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि रैपिडो द्वारा निजी दोपहिया वाहनों को एग्रीगेटर ऐप में नामांकित किया जा रहा है, जो मोटर वाहन अधिनियम और एग्रीगेटर लाइसेंस की शर्तों का सीधा उल्लंघन है। इससे एक ओर यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है। विभाग के पास न तो इन वाहनों का कोई सत्यापन विवरण उपलब्ध है और न ही यह जानकारी दी गई है कि ऐप पर कुल कितने वाहन पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्त यह भी सामने आया कि यात्रियों द्वारा किसी वाहन की बुकिंग किए जाने के बाद भुगतान या आंशिक भुगतान ले लिया जाता है, लेकिन मौके पर कोई अन्य वाहन भेज दिया जाता है। कंपनी द्वारा STA को मूल्य निर्धारण प्रणाली की जानकारी भी साझा नहीं की गई है, जबकि यह एग्रीगेटर लाइसेंस की अनिवार्य शर्तों में शामिल है। वहीं प्रति राइड राज्य सरकार को देय दो प्रतिशत राजस्व भी अब तक जमा नहीं किया गया है।

परिवहन विभाग ने रैपिडो कंपनी को अपने एल्गोरिदम की विस्तृत जानकारी, शिकायत निवारण तंत्र का विवरण तथा पिछले तीन माह में प्राप्त सभी शिकायतों और समस्याओं का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के समय कंपनी के सहायक प्रबंधक और ऑपरेशन मैनेजर मौके पर उपस्थित पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने रैपिडो के विरुद्ध STA द्वारा जारी एग्रीगेटर लाइसेंस को निलंबित करने की संस्तुति करने का निर्णय लिया है। साथ ही कंपनी को निर्देशित किया गया है कि वह अपनी ऐप से सभी निजी वाहनों को तत्काल डी-एक्टिवेट करे, अन्यथा वाहन स्वामियों और आम जनता को गुमराह करने के आरोप में रैपिडो कंपनी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में एआरटीओ चक्रपाणि मिश्रा, परिवहन कर अधिकारी प्रज्ञा पंथ सहित परिवहन विभाग का अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।






