हल्द्वानी। चिकित्सा क्षेत्र से एक उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ चंदन हॉस्पिटल ने असंभव माने जा रहे इलाज को संभव कर दिखाया। चारा काटने की मशीन से हुए भीषण हादसे में एक महिला का अंगूठा पूरी तरह कट गया था। कई निजी अस्पतालों में दिखाने के बाद भी परिजनों को निराशा ही हाथ लगी और अंगूठा जोड़ने से साफ इनकार कर दिया गया। हादसे के लगभग छह घंटे बाद महिला को चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने हालात की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए ऑपरेशन का निर्णय लिया। करीब पांच घंटे तक चली अत्यंत जटिल माइक्रो सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम ने कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक दोबारा जोड़ दिया और उसमें नई जान डाल दी।
इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. सारिका गंगवार ने किया। उनकी कुशलता और अनुभव से न सिर्फ एक अंग बचा, बल्कि मरीज की सामान्य जिंदगी और आत्मविश्वास भी लौट आया। चंदन हॉस्पिटल में आधुनिक प्लास्टिक और माइक्रो सर्जरी सुविधाओं के जरिए ऐसे जटिल मामलों का सफल उपचार किया जा रहा है। यह घटना सिर्फ एक सर्जरी की सफलता नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर सही इलाज और इंसानियत के साथ किया गया प्रयास टूटती उम्मीदों को भी जोड़ सकता है।






