- अधीक्षण अभियंता रवि कुमार राजोरा ने अधिशासी अभियंता को दिए जांच के निर्देश
- बोले—मीटर नहीं लगने की वजह सामने आने के बाद होगी कार्रवाई
हल्द्वानी। आम उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने में देर नहीं करने वाला विद्युत विभाग अब सरकारी आवासों में बिना मीटर बिजली इस्तेमाल और पुराने बंद मीटरों के मामले की जांच करेगा। कोतवाली के समीप पूल्ड हाउस योजना के तहत बने आवासों में बिजली मीटर नहीं लगे होने और वर्षों पुराने बंद मीटरों के इस्तेमाल से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद यूपीसीएल हरकत में आया है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता रवि कुमार राजोरा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में अखबार के माध्यम से आया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया जा रहा है कि संबंधित आवासों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि किन आवासों में मीटर नहीं लगे हैं और इसके पीछे क्या वजह है।

उन्होंने कहा कि जहां मीटर नहीं होंगे, वहां मीटर लगवाने की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मीटर क्यों नहीं लगाए गए और आगे क्या कार्रवाई की जानी है। गौरतलब है कि एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार, कोतवाली के पास स्थित पूल्ड हाउस के कुछ आवासों में बिजली मीटर गायब हैं, जबकि कुछ में करीब 16 साल पुराने बंद मीटर लगे हुए हैं। खबर में यह भी दावा किया गया कि कुछ स्थानों पर बिजली के तारों में कट लगाकर लाइन खींची गई है और वास्तविक खपत मापने के बजाय अनुमान के आधार पर बिल भेजे जा रहे हैं। इन आवासों में पुलिस, प्रशासन, राजस्व और कर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रहते हैं। मामला सामने आने के बाद अब विभागीय जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बिजली कनेक्शन और मीटरों की स्थिति क्या है तथा नियमों के अनुरूप बिजली बिलिंग हो रही है या नहीं।
