- बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप
- हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश किए जाने का पुलिस का दावा
रामनगर। नैनीताल जिले के रामनगर में दहेज की मांग को लेकर नवविवाहिता की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास, जेठ और ननद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश करने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के बुढनपुर गांव निवासी नसीम अहमद ने 18 अक्टूबर 2026 को रामनगर कोतवाली में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कोहिनूर का निकाह 16 मई 2026 को रामनगर के खताड़ी क्षेत्र निवासी उवेश के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। आरोप है कि शादी में सामर्थ्य के अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये नकद की मांग कर रहा था। तहरीर में आरोप लगाया गया कि 16 अक्टूबर को कोहिनूर की हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस अधिकारियों को आरोपियों की गिरफ्तारी और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि कोहिनूर और उसके पति के बीच दहेज की रकम तथा पारिवारिक मामलों को लेकर विवाद होता था। पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन विवाद बढ़ने पर कोहिनूर को कमरे में चारपाई पर गिराया गया, उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा गया और हाथ-पैर पकड़कर गर्दन पर दबाव डाला गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए मृतका के गले में दुपट्टा बांधकर उसे पंखे से लटकाने का प्रयास किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उवेश (22), उसकी मां नसरीन (50), भाई अनस (23) और बहन शबा (20), सभी निवासी खताड़ी क्षेत्र, रामनगर के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट, चौकी प्रभारी छोई देवेंद्र सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक सोमेंद्र सिंह तथा हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह भंडारी और महिला कांस्टेबल हरदेश कौर शामिल रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए 2,500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
