- एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध
- संयोजक हरीश रावत बोले—उत्तराखंड में गणेश जी का वास स्थल, यहां विसर्जन धार्मिक मान्यताओं के विपरीत
हल्द्वानी। गणेश चतुर्दशी के दौरान गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर हल्द्वानी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पहाड़ी आर्मी ने उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और उत्तराखंड में गणेश विसर्जन पर रोक लगाने की मांग की। संगठन का कहना है कि उत्तराखंड को भगवान गणेश का वास स्थल माना जाता है, ऐसे में यहां प्रतिमाओं का विसर्जन स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है। पहाड़ी आर्मी के संयोजक हरीश रावत ने कहा कि संगठन गणेश पूजा और गणेश चतुर्दशी मनाए जाने के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश की पूजा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ होनी चाहिए और पर्व भी धूमधाम से मनाया जाना चाहिए, लेकिन उत्तराखंड में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की परंपरा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में महाराष्ट्र की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को उसी स्वरूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की अपनी धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं हैं, जबकि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। उनका कहना है कि दोनों स्थानों की परंपराओं को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि गणेश चतुर्दशी के दौरान होने वाले विसर्जन को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और उत्तराखंड की स्थानीय धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं को ध्यान में रखते हुए गणेश विसर्जन पर रोक लगाई जाए। संगठन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना है। गणेश विसर्जन को लेकर पहाड़ी आर्मी के विरोध के बाद अब यह मुद्दा प्रशासन के सामने भी पहुंच गया है। आने वाले दिनों में गणेश चतुर्दशी के आयोजन और विसर्जन को लेकर प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।




