- बोले- सहयोगी के घर कार्रवाई से नरेटिव बनाने की कोशिश, आरोप पर विश्वास नहीं
- भर्ती में मेरी कोई संलिप्तता है तो जांच एजेंसियों को प्रमाण दें
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी से जुड़े कैश और ज्वैलरी बरामदगी के दावे पर बड़ा बयान दिया है। फेसबुक पोस्ट में रावत ने कहा कि श्री जीना उनके ओएसडी रहे हैं और यदि ग्राम सेवक भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ के आरोप के प्रमाण सामने आते हैं तो वह ऐसे कृत्य के लिए लज्जित होंगे, लेकिन उन्हें मौजूदा आरोप पर विश्वास नहीं है। रावत ने कहा कि उत्तराखंड चुनाव से पहले उनके घर के बजाय उनके एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर राजनीतिक नरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और उनकी वजह से पार्टी के संघर्ष को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
इसी कारण उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से हटने की इच्छा जताई है। भर्ती परीक्षाओं को लेकर रावत ने दावा किया कि उनके करीब तीन साल के कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां हुईं। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई ‘एरर ऑफ जजमेंट’ हुआ है तो वह उत्तराखंड की जनता से क्षमा मांगते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भर्ती में उनकी संलिप्तता के कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों और परीक्षाओं में गड़बड़ी को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यदि उनसे जाने-अनजाने कोई ऐसी चूक हुई है, जिससे युवाओं को नुकसान पहुंचा है, तो वह कानून के तहत दंड के पात्र हैं।




