पहले अपना ‘रायता’ समेटें, फिर जनता को ज्ञान दें: नितिन नवीन पर यशपाल आर्य का हमला

  • राहुल गांधी पर टिप्पणी और रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर भाजपा पर बरसे नेता प्रतिपक्ष, बोले—अब जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब मांगेगी

हल्द्वानी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नितिन नवीन पर राहुल गांधी को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष को कांग्रेस को कोसने से पहले अपने संगठन और सरकार के भीतर की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। आर्य ने तंज कसते हुए कहा कि नितिन नवीन जनता को जवाब देने नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर फैले ‘रायते’ को समेटने हल्द्वानी आए हैं। यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा के प्रदेश संगठन और सरकार में सब कुछ ठीक है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष को बार-बार उत्तराखंड आकर नेताओं की नाराजगी, गुटबाजी और कार्यकर्ताओं के असंतोष को संभालने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से नेता आते हैं, बंद कमरों में बैठकें होती हैं और बाहर निकलकर सब कुछ ठीक होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर भाजपा संगठन और जनता दोनों परेशान हैं। रामलीला मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर भी आर्य ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सम्मान और भाईचारे से जुड़ा सवाल है। आर्य ने कहा कि भगवान राम के आदर्शों में इंसान को उसकी पहचान के आधार पर छोटा-बड़ा नहीं माना गया, ऐसे में रामलीला मंच पर ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर कथित भेदभाव क्यों हुआ, इसका जवाब भाजपा नेतृत्व को देना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा के ‘सबका साथ’ और सामाजिक समरसता के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पहचान के आधार पर ऐसा व्यवहार हुआ है तो यह केवल उसका अपमान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उस परंपरा का भी अपमान है जिसमें हर वर्ग और हर व्यक्ति के सम्मान को महत्व दिया जाता है। आर्य ने प्रदेश के बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दों को भी भाजपा के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा रोजगार मांग रहा है, आम आदमी महंगाई से परेशान है, पहाड़ पलायन की मार झेल रहे हैं और अस्पतालों में डॉक्टर तथा स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार भाजपा को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, न कि बैठकों और राजनीतिक बयानबाजी के जरिए जनता का ध्यान भटकाना चाहिए।

यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा चाहे दिल्ली से कितने भी बड़े नेता बुला ले, उत्तराखंड की जनता के सवालों से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि प्रचार, पोस्टर और भाषणों से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी। भाजपा अध्यक्ष संगठन का हिसाब लेने हल्द्वानी आए हैं, लेकिन अब जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब लेने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी है और जनता से जुड़े मुद्दों को सदन से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने भाजपा की कथित अंतर्कलह और नीतियों को जनता के सामने रखने की बात कही।

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