- 24 घंटे में नैनीताल में 217 मिमी बारिश
- गौला का डिस्चार्ज 18,612 क्यूसेक पहुंचा
- 20 प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट
नैनीताल। नैनीताल जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बुधवार सुबह 9:30 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 03 राज्य मार्ग, 02 मुख्य जिला मार्ग, 01 अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग समेत कुल 47 सड़कें बाधित हैं। बारिश से कई इलाकों में मलबा और पानी आने के साथ ही नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वहीं 1 सितंबर को भीमताल नाले में बहने से एक बच्ची की मौत की भी पुष्टि हुई है। पिछले 24 घंटों में नैनीताल के स्नो व्यू क्षेत्र में सबसे अधिक 217 मिमी बारिश दर्ज की गई।हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिमी, कैंची धाम में 105 मिमी, मुक्तेश्वर में 107.7 मिमी, चोरगलिया में 107.7 मिमी, खनस्यू में 92.5 मिमी और बेतालघाट में 80.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण जिले के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बारिश के साथ जिले की प्रमुख नदियों का बहाव भी बढ़ा हुआ है। सुबह 9:30 बजे तक गौला बैराज से 18,612 क्यूसेक, कोसी बैराज से 25,068 क्यूसेक और नंधौर से 1,058 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। हालांकि यह गौला, कोसी और नंधौर के निर्धारित चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन द्वारा जलस्तर पर निगरानी बनाए रखी जा रही है।
गौला बैराज का चेतावनी स्तर 27,576 क्यूसेक और खतरे का स्तर 41,364 क्यूसेक है। वहीं कोसी बैराज का चेतावनी स्तर 51,786 और खतरे का स्तर 76,998 क्यूसेक निर्धारित है। भारी बारिश और मलबा आने से जिले में 47 मार्ग बाधित हैं। इनमें गर्जिया-बेतालघाट-खैरना, खनस्यू-पतलोट और काठगोदाम-सिमलियाबैड जैसे मार्ग भी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार प्रभावित मार्गों को खोलने का काम किया जा रहा है और अधिकांश बंद सड़कों को 2 सितंबर को ही खोले जाने की संभावित तिथि निर्धारित की गई है। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हैं। अतिवृष्टि के बीच पिहू पुत्री भुवन राम के भीमताल नाले में बहने से मौत हो गई। प्रशासन ने घटना को दैवीय आपदा के अंतर्गत माना है और प्रभावित परिवार को राहत राशि दिए जाने की कार्रवाई गतिमान बताई गई है। तहसील नैनीताल के अंतर्गत अल्चौना-पाण्डेछोर गांव के ककड़िया नाले में अत्यधिक मलबा और पानी आने से कुछ आवास और गौशालाएं प्रभावित हुईं। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गांव के 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों समेत सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया है।




