- भाजपा नेता का आरोप—कांग्रेस जातीय विभाजन के जरिए खोई राजनीतिक जमीन तलाश रही, जनता सब समझ रही है
हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। अब राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी इस मामले को राजनीतिक रंग देकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और समाज को जातियों में बांटने का प्रयास कर रही है। सुरेश भट्ट ने कहा कि रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर कांग्रेस जिस तरह का नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रही है, उसे जनता समझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए जातीय विभाजन पैदा कर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसका यह प्रयास सफल नहीं होगा।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस की ओर से जिस तरह इस प्रकरण को दलित समाज के सम्मान से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है, वह समाज को जोड़ने के बजाय बांटने वाला कदम है। उनका आरोप है कि इस प्रकार की राजनीति से स्वयं दलित समाज का भी अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि कथित शुद्धिकरण की घटना में शामिल दलित युवकों ने भी अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। इसके बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाकर लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। सुरेश भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की राजनीति को देख और समझ रही है। उन्होंने दावा किया कि जातीय आधार पर समाज को बांटने की कोशिशों का जनता उचित जवाब देगी और समय आने पर अपने मत के माध्यम से कांग्रेस को इसका जवाब मिलेगा। रामलीला मैदान के शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के आमने-सामने आने से हल्द्वानी की सियासत और गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस एफआईआर और कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन का रुख अपना रही है, वहीं भाजपा की ओर से इसे तुष्टिकरण और जातीय राजनीति से जोड़कर कांग्रेस पर पलटवार किया जा रहा है।




