- हल्द्वानी विधानसभा में कथित सामूहिक आपत्तियों का मामला गरमाया, एआरओ ने कहा—नियमों के तहत होगी जांच और सुनवाई
हल्द्वानी। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दूसरे चरण में मतदाताओं को नोटिस वितरण के साथ ही दावे-आपत्तियों का दौर तेज हो गया है। हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में कथित सामूहिक आपत्तियों को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के बाद अब बनभूलपुरा क्षेत्र के लोगों ने भी सिटी मजिस्ट्रेट एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एपी बाजपेयी से मुलाकात कर अपनी बात रखी। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष गोविंद बिष्ट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बीते दिवस सिटी मजिस्ट्रेट एवं ईआरओ एपी बाजपेयी से मुलाकात कर हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में सामने आ रही कथित सामूहिक आपत्तियों को लेकर शिकायती पत्र सौंपा था। इसके बाद गुरुवार को बनभूलपुरा क्षेत्र के कुछ लोग भी सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और SIR प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष रखीं।
मामले में ईआरओ एपी बाजपेयी ने स्पष्ट किया कि SIR के तहत दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा और विभिन्न माध्यम तय किए गए हैं। निर्धारित अवधि में प्राप्त होने वाले प्रत्येक दावे या आपत्ति पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त दावों और आपत्तियों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दावे या आपत्ति पर बिना परीक्षण के निर्णय नहीं लिया जाएगा तथा पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप संपादित की जाएगी। SIR के दूसरे चरण में नोटिस वितरण के साथ बढ़ रही आपत्तियों ने हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच और सुनवाई के बाद सामने आने वाली आपत्तियों पर निर्वाचन विभाग क्या निर्णय लेता है।







