देहरादून। ऑपरेशन प्रहार के तहत पटेलनगर पुलिस ने शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई 7 बुलेट मोटरसाइकिल समेत कुल 13 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी सुनियोजित तरीके से रेकी कर सुनसान स्थानों से वाहनों को चोरी करते थे और नंबर प्लेट हटाकर पुलिस को चकमा देते हुए उन्हें छिपा देते थे। वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर पटेलनगर कोतवाली में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने के बाद एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने घटनास्थलों का निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पूर्व में वाहन चोरी के मामलों में सामने आए संदिग्धों का सत्यापन किया। लगातार निगरानी के बाद 10 अगस्त को पुलिस टीम ने हरिद्वार बाईपास रोड स्थित कबाड़ी बाजार के पास नव निर्मित सड़क पर मुखबिर की सूचना के आधार पर दो संदिग्धों को दो चोरी की बुलेट के साथ दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने देहरादून के अलग-अलग इलाकों से अन्य बुलेट और दोपहिया वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पांच अन्य रॉयल इनफील्ड बुलेट समेत कुल 13 वाहन बरामद किए।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चोरी के बाद वाहनों की नंबर प्लेट निकालकर उन्हें गली-मोहल्लों के रास्ते सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया और बाद में ग्राहकों की तलाश कर उन्हें बेचने की तैयारी कर रहे थे। खर्च चलाने के लिए कुछ चोरी के वाहन अपने परिचितों को किराये पर देने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक सिंह विश्नोई (23) निवासी श्यामपुर कांगड़ी, हरिद्वार और गुरप्रीत सिंह (20) निवासी टाटवाला श्यामपुर कांगड़ी, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार चोरी के दो अन्य वाहनों के हरिद्वार के श्यामपुर और हरियाणा के पानीपत में पुलिस द्वारा सीज किए जाने की जानकारी भी आरोपियों से मिली है, जिनकी बरामदगी के लिए टीम रवाना की गई है। पुलिस ने बरामद वाहनों में कई बुलेट मोटरसाइकिलों के अलावा बिना नंबर प्लेट की एक्टिवा स्कूटी, स्प्लेंडर और सिटी 100 मोटरसाइकिल भी शामिल होने की जानकारी दी है। बरामद वाहनों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से जोड़ा जा रहा है और उनके संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी देहरादून ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ₹2,500 के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों और आरोपियों के संबंध में भी जांच जारी है।







