देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद एसएसपी कार्यालय में हुए विवाद को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर पुलिस और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने कोई गैरकानूनी या आपत्तिजनक कार्य किया है तो अधिकारियों के पास कानून की कलम है और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि मुख्यमंत्री के सामने शिकायत की जानी चाहिए। गोदियाल ने कहा कि 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम को असफल करने के लिए नैनीताल एसएसपी द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में वह नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम को लेकर आईपीएस एसोसिएशन की नाराजगी सामने आ रही है, लेकिन उनका सवाल स्पष्ट है कि यदि उनका आचरण कानून के खिलाफ था तो पुलिस ने उसी समय कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी निष्पक्ष होकर कानून और जनता के हितों की रक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के लिए काम करना। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई और राजनीतिक गतिविधियों में अधिकारियों के इस्तेमाल को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। गोदियाल ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ अपनी पूर्व शिकायतों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि ‘वसूली अभियान मोर्चा’ और ‘धाकड़ धामी पेज’ के खिलाफ उनकी शिकायतों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी करने वाली पुलिस की विशेष विंग का दायित्व फर्जी, नफरती और अश्लील सामग्री पर कार्रवाई करना है, न कि सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाना। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगी और राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी जनता के लिए होते हैं, किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से जारी रखेगी।







