हल्द्वानी। उत्तराखंड में पत्रकारिता के सशक्तिकरण और मीडिया ढांचे को नई पहचान देने की दिशा में सोमवार को ऐतिहासिक पहल हुई, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में कुमाऊँ मीडिया सेंटर भवन का शिलान्यास किया। करीब 6 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेंटर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस समर्पित कार्यस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने वाला बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह केवल भवन नहीं बल्कि पत्रकारिता, संवाद, विचार-विमर्श और जनसरोकारों का सशक्त मंच बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक कुमाऊँ क्षेत्र के पत्रकारों को अनेक प्रशासनिक और मीडिया संबंधी कार्यों के लिए देहरादून का रुख करना पड़ता था, लेकिन मीडिया सेंटर बनने के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे, जिससे समय, संसाधनों और श्रम की बचत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र भविष्य में कुमाऊँ को मीडिया हब के रूप में स्थापित करेगा और यहां से निकलने वाली पत्रकारिता क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रभावशाली भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मीडिया सेंटर में आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल स्टूडियो, समृद्ध लाइब्रेरी, कैंटीन और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सीमांत क्षेत्रों मुनस्यारी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, कपकोट, चंपावत, अल्मोड़ा और रानीखेत से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की व्यवस्था भी होगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के मीडिया कर्मियों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि समाचार पत्रों के निरीक्षण संबंधी कार्य अब इसी मीडिया सेंटर से संपन्न होंगे, जिससे पारदर्शिता और त्वरित प्रशासनिक प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पत्रकार कल्याण से जुड़े बड़े फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकार कल्याण कोष को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया गया है, गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक निधन की स्थिति में सहायता सुनिश्चित की गई है तथा अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन की व्यवस्था भी लागू है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से सकारात्मक और जनपक्षीय पत्रकारिता को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ कमियों को निष्पक्ष रूप से सरकार तक पहुंचाना भी मीडिया की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कलम लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और सरकार के लिए मार्गदर्शक है। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।





