देहरादून। राजधानी देहरादून में प्राइवेट वाहनों को ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप के माध्यम से किराये पर चलाने की शिकायतों पर परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। तीन दिन तक चले इस विशेष चेकिंग अभियान में नियमों का उल्लंघन करते पाए गए 17 वाहनों को बंद कर दिया गया, जिससे अवैध रूप से चल रहे नेटवर्क में हड़कंप मच गया। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के नेतृत्व में 05 अप्रैल से 07 अप्रैल 2026 तक शहर के प्रमुख मार्गों पर चार टीमों द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। राजपुर-मसूरी मार्ग, सहस्रधारा रोड, हरिद्वार बाईपास, सहारनपुर रोड, शिमला बाईपास और चकराता रोड समेत कई स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान कुल 143 दुपहिया और 43 अन्य वाहनों की जांच की गई।
चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रवर्तन टीमों ने खुद ओला, उबर और रैपिडो ऐप के जरिए बुकिंग कर हकीकत की जांच की, जिसमें कई प्राइवेट (सफेद नंबर प्लेट) वाहन नियमों के विरुद्ध सवारी ढोते मिले। ऐसे 17 वाहनों को तत्काल सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में केवल व्यावसायिक (पीली नंबर प्लेट) वाहनों को ही एग्रीगेटर ऐप पर पंजीकृत करने की अनुमति है, जबकि प्राइवेट वाहनों का उपयोग अवैध है। डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि संबंधित एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति राज्य परिवहन प्राधिकरण को भेजी जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि यातायात व्यवस्था और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।







