हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रहे पुनर्वास शिविर के अंतिम दिन रिकॉर्ड संख्या में फॉर्म जमा होने से प्रक्रिया ने नई रफ्तार पकड़ ली है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी के अनुसार दोपहर 3:30 बजे तक ही 6300 से अधिक फॉर्म जमा हो चुके थे, जो प्रारंभिक अनुमान से कहीं अधिक है। बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने कैंप को एक दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है। त्रिपाठी ने बताया कि पहले लगभग 5300 प्रभावित परिवारों का आंकड़ा सामने आया था, लेकिन अब फॉर्म की संख्या उससे अधिक पहुंच गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रभावितों की वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि करीब 8000 फॉर्म वितरित किए गए थे, जिनमें से कई लोग गलत फॉर्म भरने के कारण दोबारा फॉर्म ले रहे हैं, जिससे वितरण और जमा के आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है।
सचिव त्रिपाठी ने यह भी स्पष्ट किया कि फॉर्म की स्क्रूटनी का कार्य पहले से ही शुरू कर दिया गया है और लगातार जमा हो रहे फॉर्मों की जांच की जा रही है। सचिव त्रिपाठी ने बताया कि 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है, उससे पहले सभी फॉर्मों की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। वहीं, मुख्य याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिव त्रिपाठी ने कहा कि सभी फॉर्म निर्धारित स्टॉल पर ही जमा किए जा रहे हैं और किसी भी व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से फॉर्म स्वीकार नहीं किए जा रहे। उन्होंने बताया कि सिद्दीकी द्वारा भेजा गया फॉर्म अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल कार्यालय में प्राप्त हो चुका है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






