हरिद्वार। भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला प्रशासन में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी और उसका निजी सहायक रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम के हत्थे चढ़ गए, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। हरिद्वार जनपद में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य पुत्र बी.आर. आर्य और उनके निजी सहायक गौरव शर्मा पुत्र रमेश शर्मा को विजिलेंस टीम ने ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 16 जनवरी 2026 को पूर्व नियोजित ट्रैप के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय से जुड़े एक मामले में राशन डीलर से अवैध रूप से रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की गोपनीय जांच की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाकर दोनों को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ शुरू कर दी है। मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद हरिद्वार प्रशासनिक महकमे में खलबली मची हुई है, वहीं विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है।






