- मंडलायुक्त दीपक रावत ने की सुनवाई, शपथपत्र के बाद वैधानिक कार्रवाई के निर्देश
हल्द्वानी। ग्राम प्रधान के चुनाव में कथित फर्जी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के इस्तेमाल का मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। मंगलवार को मंडलायुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में सरोवरनगर पोस्ट केलाखेड़ा निवासी मोहम्मद दानिश के जाति प्रमाण पत्र को लेकर दाखिल शिकायत पर सुनवाई की, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। प्रकरण में सरोवरनगर निवासी इबरान अली द्वारा शिकायत की गई है कि मोहम्मद दानिश ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया और इसी प्रमाण पत्र के सहारे निर्वाचन वर्ष 2025 में ग्राम प्रधान पद का चुनाव लड़ा, जिसमें वह विजयी भी रहे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद दानिश सामान्य वर्ग से हैं और उनका ओबीसी प्रमाण पत्र नामांकन से पूर्व ही निरस्त हो चुका था। इसके बावजूद इस तथ्य की जानकारी तत्कालीन रिटर्निंग अधिकारी को दिए जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और वर्तमान में भी वह ग्राम प्रधान पद पर बने हुए हैं, जबकि प्रमाण पत्र की बहाली के लिए कोई वैधानिक प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई।
20 दिसंबर 2025 को प्राप्त शिकायती प्रार्थनापत्र पर हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता, विपक्षी, तहसीलदार गदरपुर और जिला पंचायतराज अधिकारी उधम सिंह नगर मंडलायुक्त के समक्ष उपस्थित हुए। मंडलायुक्त दीपक रावत ने शिकायतकर्ता को निर्देश दिए कि वह इस संबंध में शपथपत्र प्रस्तुत करें कि संबंधित ओबीसी जाति प्रमाण पत्र निरस्त हो चुका है। उन्होंने जिला पंचायतराज अधिकारी को भी निर्देशित किया कि शपथपत्र प्राप्त होने के बाद प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सुनवाई के दौरान जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, तहसीलदार लीना चंद्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अब सभी की नजरें प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हुई हैं।






