देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए दुबई से लंबे समय से फरार चल रहे वांछित गैंगस्टर और करोड़ों के निवेश घोटाले के मास्टरमाइंड जगदीश पुनेठा को भारत प्रत्यर्पित कर लिया है। सीबीसीआईडी उत्तराखण्ड की इस सफलता ने राज्य में संगठित आर्थिक अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी मजबूती दी है। सूत्रों के अनुसार जगदीश पुनेठा पर फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने, गैंग बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने और कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। पिथौरागढ़ में दर्ज विभिन्न मुकदमों में लंबे समय से फरार चल रहे पुनेठा के खिलाफ उत्तराखण्ड पुलिस ने वर्ष 2022 में ₹50,000 का इनाम घोषित किया था। पिथौरागढ़ के चर्चित निर्मल बंग कमोडिटी ठगी मामले में भी उसके खिलाफ आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी सहित कई संगीन आरोप हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि पुनेठा और उसके साथियों ने तकरीबन ₹15.17 करोड़ की ठगी की और ₹2.22 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। लगातार फरार रहने के कारण उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तब तेज हुई जब पिथौरागढ़ पुलिस की तकनीकी जांच में यह पुष्टि हुई कि पुनेठा दुबई में छिपा हुआ है। इसके बाद सीबीसीआईडी ने सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल से संपर्क कर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया। एनसीबी अबू धाबी की मदद से पुनेठा को गिरफ्तार किया गया। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखण्ड पुलिस की विशेष टीम एएसपी सीबीसीआईडी मनोज कुमार ठाकुर, प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी और निरीक्षक सतीश कुमार शर्मा को 10 नवंबर को दुबई भेजा गया। मिशन की सफलता के बाद 13 नवंबर को अभियुक्त को भारत लाया गया और पिथौरागढ़ की अदालत में प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।







