देहरादून। उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की त्रासदी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आंध्र प्रदेश दौरे को तत्काल रद्द करते हुए मंगलवार शाम सीधे देहरादून स्थित आईटी पार्क आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर हालात की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सरकार के लिए एक-एक व्यक्ति की जान अमूल्य है” और राहत-बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, सेना और अन्य एजेंसियों को समन्वित और तेज़ राहत कार्य सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धराली-हर्षिल क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी शैक्षणिक संस्थान बंद किए जाएं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने अब तक 130 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावितों के लिए खाना, दवाइयां, रहने और कपड़ों की व्यवस्था तुरंत की जाए। MI-17 हेलीकॉप्टर की मांग सेना से की जा रही है, ताकि एयरलिफ्ट कर राहत पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था को मंगलवार रात तक बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होटल और होमस्टे अधिग्रहण कर बेघर लोगों को तत्काल छत मुहैया कराने की बात कही। खाद्य व स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें मौके पर रवाना कर दी गई हैं, वहीं डॉक्टर्स की मौजूदगी, दवाइयों और पोस्टमार्टम जैसी सभी व्यवस्थाएं स्थल पर करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि जो लोग अपने परिवारजनों को खो चुके हैं, सरकार उनके जीवन यापन की पूर्ण जिम्मेदारी उठाएगी। साथ ही पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। आपदा से निपटने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अभिषेक रोहिल्ला और गौरव कुमार को उत्तरकाशी भेजा गया है, जबकि विनीत कुमार को उत्तरकाशी में कैंप कर निगरानी करने को कहा गया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे को शासन की ओर से नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

नेताला मार्ग को देर रात खोलने के बाद DM, SP और बचाव टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री धामी ने सचिवों की विशेष टीम को बुधवार सुबह तक धराली-हर्षिल भेजे जाने के निर्देश भी दिए हैं। आपदा पर मुख्यमंत्री का यह तीव्र और सक्रिय रुख यह संकेत देता है कि सरकार हर हाल में राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, DGP दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, पंकज पांडे, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






