- सरकार ने पूरी की तैयारी, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में 1317 सहायक अध्यापकों (एलटी) को एक माह के भीतर नियुक्ति दी जाएगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि इन शिक्षकों की प्राथमिक तैनाती दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में की जाएगी, जिससे वहां की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिले। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं ताकि शिक्षकों की तैनाती तय समय में सुनिश्चित हो सके। शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभिन्न विषयों में 1317 शिक्षकों का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया है। इनमें गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, कला, संगीत, गृह विज्ञान सहित 12 विषयों के शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा के दुर्गम विद्यालयों में अनिवार्य रूप से की जाएगी।
इसके अलावा देहरादून के चकराता ब्लॉक और नैनीताल के ओखलकांडा ब्लॉक के दूरस्थ विद्यालयों में भी इन शिक्षकों की नियुक्ति होगी। सरकार ने पहले ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 1544 रिक्त पदों का अधियाचन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा था। आयोग ने मण्डल और विषयवार 1317 पदों का अंतिम चयन परिणाम जारी किया, जबकि शेष पदों को लेकर न्यायालय में लंबित याचिका के निस्तारण के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। डॉ. रावत ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी बल्कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिलेगी। नए शिक्षकों की नियुक्ति से छात्रों को दूरस्थ विद्यालयों की ओर रुख करने में आसानी होगी और वे अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।







