हरिद्वार। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच भी तेज कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिद्वार निवासी एक शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि उसकी फर्म हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री, जो वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है, के वर्ष 2017 के वैट टैक्स निपटान के नाम पर विभाग द्वारा 1 लाख 76 हजार रुपये बकाया बताया गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जीएसटी कार्यालय में कार्यरत उपनल कर्मी और डाटा क्लर्क प्रमोद सेमवाल द्वारा इस देनदारी को खत्म कराने के एवज में 1 लाख 20 हजार रुपये नगद रिश्वत की मांग की गई और रकम किस्तों में देने को कहा गया।

शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और आज 24 फरवरी को प्रमोद सेमवाल को 20 हजार रुपये नगद उत्कोच लेते हुए सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-3 कार्यालय के पास रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रमोद सेमवाल पुत्र शिव शरण सेमवाल, सिद्धार्थ एन्क्लेव द्वारिका विहार, जगजीतपुर कनखल का निवासी है और पिछले करीब 18 वर्षों से उपनल के माध्यम से डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पुराने वैट बिलों के निपटान के नाम पर शिकायतकर्ता से लगातार पैसों की मांग कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।






