देहरादून। देहरादून में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की ओर से चल रही विशेष मुहिम का तीसरा सप्ताह भी प्रभावी रहा। इस मुहिम के तहत आरटीओ कार्यालय देहरादून के अधिकारी और समस्त कर्मचारी स्वयं पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कार्यालय पहुंचे और यात्रियों की तरह अनुभव साझा किए। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी स्वयं विक्रम वाहन से कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा प्रयोग की गई बस UK07PA 2657 की स्थिति खराब पाई गई, जबकि एक अन्य बस UK07PA 6802 का पिछला शीशा ही गायब था।
दोनों वाहनों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा फिटनेस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। कार्यालय पहुंचने पर कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई विक्रमों में तय सवारियों से अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं। महिलाओं को मजबूरी में अन्य यात्रियों के बीच सटकर सफर करना पड़ता है, जिससे असुविधा होती है। एक विक्रम वाहन UK07TB 4396 में ओवरलोडिंग की पुष्टि पर उसका चालान करने के निर्देश दिए गए हैं। आरटीओ संदीप सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि विक्रम की आगे की सीट पर इंजन होने से वहां सवारी बैठना खतरनाक हो सकता है। इसलिए सभी विक्रमों में चालक की बगल वाली सीट को लोहे की चादर से बंद कर सवारी बैठने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए 10 दिन की समय-सीमा दी गई है।
वहीं, ओला, उबर और रैपीडो जैसी ऑनलाइन सेवा प्रदाता कंपनियों पर भी नजर रखी गई। महिला कर्मियों को इन सेवाओं के जरिए कार्यालय आने को कहा गया और रसीद प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। कुछ मामलों में किराया अधिक वसूलने की शिकायतों पर डॉ. अनीता चमोला, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), ने संबंधित एग्रीगेटर कंपनियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई यह अनूठी मुहिम जनता के अनुभवों के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है, जिसका असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।






