एजेंसी/नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंगा नदी में अवैध खनन के मामले में मातृ सदन की ओर से दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई। इस मामले में अब 11अगस्त को दूसरी पीठ सुनवाई करेगी। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की युगलपीठ में आज इस मामले को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ के लिए भेज दिया है। इस बीच गंगा नदी में खनन पर रोक जारी रहेगी। दरअसल हरिद्वार की मातृ सदन व अन्य की ओर से पृथक पृथक जनहित याचिका दायर कर गंगा नदी में रायवाला से भोपुर के बीच खनन को चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया जा रहा है। इससे न केवल गंगा नदी के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो गया है बल्कि केन्द्र सरकार के नेशनल मिशन क्लीन गंगा (एनएमसीजी) को भी पलीता लग रहा है। आरोप लगाया गया है कि सरकार खुद खनन कार्य करवा रही है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने गंगा नदी के संरक्षण के लिए एनएमसीजी का गठन किया है। एनएमसीजी की ओर से भी राज्य सरकार को खनन कार्य पर रोक लगाने की बात कही गई है। उसके बावजूद खनन कार्य जारी है।






