हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में बीते शनिवार को कार में मिले युवा व्यापारी अंकित चौहान के शव के मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने अनुसार मृतक अंकित चौहान की हत्या की गई थी। मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल पंकज भट्ट का कहना है कि मृतक अंकित चौहान की प्रेमिका माही ने अंकित को अपने रास्ते से हटाने के लिए षडयंत्र रचा। उन्होंने बताया कि माही ने अपने प्रेमी दीप कांडपाल, नौकर राम अवतार व उसकी पत्नी और एक सपेरे रमेश नाथ के साथ मिलकर हैरतअंगेज वारदात को अंजाम दिया। एसएसपी ने बताया कि मामले में सपेरे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाशी के लिए टीमें गठित की गई है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी रमेश नाथ ने बताया कि हत्या में शामिल होने के लिए माही ने 10 हजार रुपये दिए थे। बीते शुक्रवार की रात योजना के तहत माही ने रात करीब 8 बजे अंकित को घर बुलाया। वहां सांप लेकर माही के घर पहुंच चुका था। माही ने उसे और नौकर-नौकरानी को मंदिर के कमरे में छिपा दिया था। जिसके बाद रात को दीप कांडपाल स्कूटी से माही के घर पहुंचा। योजना के तहत नशीली गोली खिलाकर अंकित को बेहोश कर दिया गया। जिसके बाद उसे बेड पर उल्टा लिटाया गया। होश में आकर अंकित विरोध न करने लगे तो सांप से डसवाने से पहले एक ने उसके हाथ, दो ने उसके पैर पकड़े और चौथा अंकित की पीठ पर लद गया। जिसके बाद सपेरे रमेश ने साप से अंकित के एक पैर में डसवाया, लेकिन वह जिंदा न रह जाए तो दूसरे पैर में भी ठीक उसी स्थान पर डसवाया गया।
आरोपी सपेरे में बताया कि हत्या के बाद अंकित की लाश को उसी की कार की पिछली सीट पर डाला गया। योजना थी कि दोनों शव को भुजियाघाट ले जाएंगे और वहीं से नीचे खाई में फेंक देंगे। रात करीब 11 बजे लाश को लेकर कार से निकले और भुजियाघाट पहुंचे, लेकिन भुजियाघाट में जिस स्थान से लाश को फेंकना था, वहां लोग खड़े थे। काफी देर इंतजार के बाद भी जब लोग वहां से नहीं हटे तो दोनों वापस लौट पड़े और माही को इसकी जानकारी देने के साथ तीनपानी रेलवे क्रांसिंग के पास पहुंच गए। घटना को अंजाम देने के बाद माही सभी आरोपियों के साथ कार में सवार होकर दिल्ली निकल गई। और सपेरा अपने पैसे लेकर वापस अपने घर आ गया। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 5000रूपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।







