हल्द्वानी। प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में गुरुवार को हल्द्वानी में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सम्भागीय परिवहन कार्यालय की ओर से रामपुर रोड स्थित होटल में “सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण” विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) गुरुदेव सिंह ने संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अपने संबोधन में अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से ही दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। प्रशिक्षण सत्र में जे.पी. रिसर्च इंडिया लिमिटेड के विशेषज्ञ सुमित कुल ने “साइंटिफिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया और दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण की आधुनिक पद्धतियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। वहीं सहायक निदेशक, सड़क सुरक्षा, परिवहन विभाग नरेश संगल ने उत्तराखण्ड में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, कारणों और रोकथाम की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं के मूल कारणों का तथ्यात्मक और वैज्ञानिक विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति को रोकना तथा घायलों और मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाना है। प्रशिक्षण में दुर्घटना स्थलों के सूक्ष्म निरीक्षण, डेटा संकलन और विश्लेषण, ब्लैक स्पॉट की पहचान, यातायात प्रबंधन में सुधार और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल उपकरणों के उपयोग और त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से दुर्घटनाओं की जांच को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में भी मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में परिवहन, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, वन, शिक्षा, नगर निगम, परिवहन निगम, ट्रक यूनियन और चालक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। अंत में उपस्थित प्रतिभागियों को जिलाधिकारी नैनीताल, संयुक्त परिवहन आयुक्त और सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अंत में सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविन्द पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को और मजबूत करेगा तथा भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने में सहायक सिद्ध होगा।







