देहरादून। वाहन जनित प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और निर्धारित मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। आरटीओ (प्रवर्तन) देहरादून डॉ. अनीता चमोला के निर्देशन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित प्रदूषण जांच केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई केंद्रों पर गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के बाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि मानकों से समझौता करने वाले केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ के निर्देश पर परिवहन कर अधिकारियों और संभागीय निरीक्षकों की टीमों ने देहरादून शहर के दस प्रदूषण जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों पर भारी वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान नहीं पाया गया, वहीं एक केंद्र में प्रदूषण जांच से संबंधित उपकरण ही कार्यरत नहीं मिले। कई केंद्रों पर मान्यता से संबंधित लाइसेंस और ऑपरेटर का प्राधिकार पत्र भी प्रदर्शित नहीं किया गया था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने स्वयं कैनाल रोड स्थित मैसर्स आज़ाद इंटरप्राइजेज प्रदूषण जांच केंद्र का निरीक्षण किया। यहां वाहनों की पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं मिली और प्रदूषण जांच के दौरान वाहनों के फोटो लेने के लिए आवश्यक वेब कैमरा भी खराब पाया गया। आरटीओ ने बताया कि यह कार्रवाई वाहन जनित प्रदूषण को नियंत्रित करने और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। निरीक्षण के दौरान सभी प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों को मौके पर ही काउंसलिंग कर मानक अनुसार सही जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन केंद्रों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं और एआरटीओ प्रशासन व एआरटीओ प्रवर्तन स्तर से उनकी गहन जांच कराई जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित केंद्रों का लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी। आरटीओ ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदूषण जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संचालकों से अपील की गई है कि वे वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार ही करें, अन्यथा आगे भी लगातार औचक निरीक्षण कर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।













