देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” के संकल्प को साकार करने की दिशा में दून पुलिस ने शनिवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की।एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति और पुलिस टीमों की मुस्तैदी के चलते रायपुर थाना क्षेत्र में 4 किलो 215 ग्राम अवैध चरस के साथ दो अंतरजनपदीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। बरामद मादक पदार्थों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग नौ लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को भी सीज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि पहाड़ी जिलों से अवैध चरस की बड़ी खेप देहरादून लाई जा रही है। एसएसपी के निर्देश पर तत्काल विशेष टीमों का गठन कर रायपुर थाना क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
इसी दौरान आईटी पार्क के पास संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें शैलेश कुमार यादव और दीपक बहादुर एड़ी नामक दो तस्कर भारी मात्रा में चरस के साथ दबोचे गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि तस्कर रुद्रप्रयाग से सस्ते दाम पर चरस खरीदकर देहरादून में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे। हैरानी की बात यह है कि शैलेश कुमार यादव पहले भी दो बार एनडीपीएस एक्ट में जेल जा चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी सीज कर दिया है। दून पुलिस का कहना है कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।








