- रेलवे स्टेशन पर छाया आपातकालीन दृश्य, सभी एजेंसियों ने समयबद्ध और समन्वित कार्यवाही से मॉक ऑपरेशन को बनाया सफल
हल्द्वानी। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक आतंकवादी हमले की आशंका को केंद्र में रखकर एक उच्च स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत जीआरपी काठगोदाम की निगरानी में आयोजित इस अभ्यायास का उद्देश्य ऐसी आपात स्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और विभागीय समन्वय की कार्यक्षमता को परखना था। मॉक ड्रिल की स्क्रिप्ट के अनुसार सूचना दी गई कि तीन संदिग्ध आतंकवादी दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस, जीआरपी, एसटीएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा टीम, बम स्क्वॉड, RPF, और 108 एम्बुलेंस समेत तमाम एजेंसियां फौरन हरकत में आईं। पूरे स्टेशन परिसर को घेर कर काल्पनिक मुठभेड़ और रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

मॉक ड्रिल में संदिग्ध वस्तु की पहचान, स्टेशन की सीलिंग, लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों को प्राथमिक उपचार देना और आतंकियों को निष्क्रिय करना जैसे हर पहलू को वास्तविक परिदृश्य की तरह अंजाम दिया गया। एसपी सिटी प्रकाश चन्द्र ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा, राहत और चिकित्सा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, जिसे सफलता के साथ पूरा किया गया। वहीं, आपदा प्रबंधन अधिकारी कमल मेहरा ने डी-ब्रीफिंग में बताया कि अभ्यास के दौरान कुछ तकनीकी कमियां सामने आईं हैं, जिन्हें भविष्य में और बेहतर बनाने के लिए समय रहते ठीक किया जाएगा। जिलाधिकारी नैनीताल के कार्यालय द्वारा पूरे अभ्यास की निगरानी की गई और थानाध्यक्ष जीआरपी काठगोदाम द्वारा समन्वय किया गया। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, सीओ नितिन लोहनी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।






