देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। हाईकोर्ट द्वारा रिट याचिका संख्या 400 (एमबी) 2025 में पारित स्थगन आदेश को दिनांक 27 जून को समाप्त किए जाने के बाद आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को पुनः उसी स्थिति से शुरू करने का निर्णय लिया है, जहां से यह स्थगित की गई थी। आयोग ने साफ किया है कि चुनाव कार्यक्रम संविधान के अनुच्छेद 243-ट के तहत जारी किया गया है और सभी संबंधित जिलों में निर्धारित तिथियों के अनुसार निर्वाचन सम्पन्न कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य के 12 जनपदों हरिद्वार को छोड़कर में ग्राम पंचायतों के सदस्यों, प्रधानों, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव दो चक्रों में कराए जाएंगे। प्रथम चक्र में नामांकन 2 जुलाई से 5 जुलाई तक होगा, जांच 7 से 9 जुलाई तक, नाम वापसी 10 व 11 जुलाई को की जा सकेगी और 14 जुलाई को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 24 जुलाई को और मतगणना 31 जुलाई को होगी।वहीं द्वितीय चक्र के मतदान की तिथि 28 जुलाई निर्धारित की गई है।


निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की बिक्री 30 जून से 5 जुलाई अपराह्न 3 बजे तक संबंधित विकासखंड या जिला मुख्यालयों में करेंगे। सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान और क्षेत्र पंचायत के चुनाव से संबंधित सभी कार्य विकासखंड स्तर पर संपन्न होंगे, जबकि जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव संबंधी प्रक्रिया जिला मुख्यालयों पर संपन्न कराई जाएगी, परंतु उनकी मतगणना संबंधित क्षेत्र पंचायत मुख्यालयों में होगी। आयोग ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया है कि 30 जून तक चुनाव क्षेत्रों का आरक्षण विवरण प्रकाशित करें और व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। साथ ही ग्राम पंचायतों में मुनादी, स्थानीय समाचार पत्रों और सरकारी सूचना पटों पर भी कार्यक्रम चस्पा किए जाएं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी। स्थगन के बाद चुनावी प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने से पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक प्रणाली को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





